
नई टिहरी। थाना लंबगांव क्षेत्र में एक निजी स्कूल की शिक्षिका ने कुछ स्थानीय लोगों पर उसके घर में आग लगाने का आरोप लगाया है। महिला ने जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि वह ईसाई धर्म से है।
प्रतापनगर क्षेत्र में 15 वर्षों से विद्यालय का संचालन कर रही है। कुछ स्थानीय लोगों ने उसके धर्म को निशाना बनाकर उसके घर में आगजनी की है। शिक्षिका जिला मुख्यालय पहुंची और डीएम नितिका खंडेलवाल व एसएसपी श्वेता चौबे से न्याय की गुहार लगाई।
प्रतापनगर निवासी पीड़िता रोबिना का आरोप है कि वह 15 वर्षों से प्रतापनगर क्षेत्र में स्कूल का संचालन कर रही है। गांव के ही कुछ कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों ने उनके ईसाई धर्म को लेकर नफरत पाल रखी थी।
जिसके चलते 24 अप्रैल की रात्रि को भीड़ ने उनके घर पर हमला किया और घर के सामान को बाहर फेंककर आग के हवाले कर दिया।
जिसमें घर का कीमती सामान, जरूरी दस्तावेज और वर्षों से जमाई गृहस्थी जलकर खाक हो गई। साथ ही भीड़ ने उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी हैं।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसने मामले में लंबगांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस का रवैया अब तक ढुलमुल ही रहा है।
वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके चलते शिक्षिका सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंची।
पीड़िता ने जिलाधिकारी और एसएसपी को ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित महिला ने डीएम से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही उसके जले हुए घर और सामान का आकलन कराकर उचित मुआवजा देने, रहने के लिए आवास की व्यवस्था उपलब्ध कराने और भविष्य में उसकी व उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
डीएम नितिका खंडेलवाल ने एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्होंने एसडीएम को मामले की शीघ्र निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पीड़ित महिला को उसके दो बच्चों सहित वन स्टाप सेंटर, नई टिहरी में रहने की व्यवस्था कराई गई है। जिससे महिला और उसके बच्चों को सुरक्षित आशियाना मिल सके। वहीं, एसएसपी श्वेता चौबे ने भी मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।




